इंदौर. पालीवाल समाज इंदौर में एक परिवार पर उसकी ही बेटी ने पिता पर और दादा, दादी सहित कईयों पर गंभीर आरोप लगाएं. दहेज प्रताड़ना और महिला की मौत के मामले में मृतका अमिता पुरोहित के परिजनों ने पति और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. परिजनों का कहना है कि ललित पुरोहित ने उनकी पत्नी को जहर दिया, जिसके बाद उन्हें सुयश अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. परिवार अब मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है. जो जांच का विषय हैं.
परिजनों का आरोप : दहेज प्रताड़ना और अवैध संबंधों से परेशान थी महिला
मृतका की बेटी तनु ने परिजनों पर आरोप लगाया है कि अमिता पुरोहित लंबे समय से दहेज प्रताड़ना, मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न का शिकार थीं. उनका यह भी आरोप है कि पति के अवैध संबंधों के कारण परिवार में लगातार विवाद होता था, जिसके चलते यह घटना हुई. परिजनों ने आरोपी पक्ष के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच की मांग की हैं.
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल: परिजनों का कहना है कि घटना की शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन अब तक निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई हैं. उनका आरोप है कि गंभीर आरोपों के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई, जिससे परिवार में नाराजगी हैं. पुलिस निष्पक्ष जांच कर दूध का दूध और पानी का पानी करें.
I am writing as a concerned citizen to request your newsroom to look into the Amita Purohit death case from Indore, Madhya Pradesh.
A report published by local news agencies has raised several questions surrounding the circumstances of the case, which I believe deserve wider public attention and independent journalistic scrutiny.
Media plays a vital role in ensuring transparency and accountability, especially in cases where families and members of the public seek answers. I respectfully request your investigative team to independently verify the available facts, speak with the concerned authorities and family members where appropriate, and consider covering the case if you find that there are issues of significant public interest.
Greater public attention from national media can help ensure that the investigation is conducted fairly, transparently, and without undue influence. My intention is not to prejudge the outcome of any investigation, but to request that the matter receives the independent scrutiny it deserves.
For reference, the article that prompted this request is:
यह एक ऐसी असाधारण महिला की कहानी है जिसने हर कठिनाई को उम्मीद में बदल दिया। "सबसे मज़बूत लोग वे नहीं होते जो कभी गिरते नहीं, बल्कि वे होते हैं जो हर बार गिरकर फिर से उठ खड़े होते हैं।"
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!! वह अमीरी में पैदा नहीं हुई थीं...
लेकिन उनके पास सपने थे।
उन्हें विश्वास था कि शिक्षा, ईमानदारी और कड़ी मेहनत से जीवन बदला जा सकता है।
1990 के दशक में, जब महिलाओं की उच्च शिक्षा आम बात नहीं थी, तब उन्होंने दो अलग-अलग विषयों में मास्टर डिग्री( स्नातकोत्तर (PG)) की उपाधि प्राप्त करी।
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!! फिर आया जीवन का सबसे बड़ा धोखा...
शादी से पहले बताया गया कि उनके होने वाले पति स्नातक हैं।
लेकिन शादी के बाद सच सामने आया...
वे केवल 10वीं पास थे।
उनके सपनों की नींव एक झूठ पर रखी गई थी।
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!! लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
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!! सुबह से शाम तक दुकान पर काम...
रात में सिलाई...
ग्राहकों के ऑर्डर...
देर रात तक मेहनत...
सिर्फ़ एक उद्देश्य—
अपने परिवार का भविष्य बेहतर बनाना।
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!! उनकी मेहनत केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं रही।
उन्होंने 4–5 परिवारों को रोजगार दिया।
कई घरों में सम्मानपूर्वक रोज़ी-रोटी का सहारा बनीं।
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!! और सबसे बड़ी बात...
इतने संघर्षों के बावजूद...
उनके चेहरे की मुस्कान कभी नहीं गई।
वे हर किसी को प्रेरित करती थीं—
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!! उनके लिए सीखने की कोई उम्र नहीं थी।
50 वर्ष की आयु के बाद भी उन्होंने नई तकनीक सीखी।
और केवल एक महीने पहले उन्होंने YouTube चैनल शुरू किया...
जहाँ वे किताबों का सार, प्रेरणादायक विचार और जीवन के अनुभव साझा करने लगीं।
उन्होंने साबित किया—
सपनों की कोई Expiry Date नहीं होती।
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!! उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि... उनकी बेटी थी।
वे मानती थीं—
"शिक्षा सबसे बड़ा उपहार है जो माता-पिता अपने बच्चों को दे सकते हैं।"
उनकी बेटी इंजीनियर बनी।
वह केवल बेटी की सफलता नहीं...
एक माँ के सपने की जीत थी।
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!! बाद में उन्होंने अपनी बेटी की शादी भी...
अपनी मेहनत की कमाई से कराई।
बिना पति या ससुराल पक्ष की किसी आर्थिक मदद के।
हर रुपया...
वर्षों के त्याग और संघर्ष की कहानी कहता था।
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!! उन्होंने सफलता विरासत में नहीं पाई...
उन्होंने उसे बनाया।
❤️ साहस से।
❤️ त्याग से।
❤️ आत्मसम्मान से।
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!! फिर एक दिन...
30 से अधिक वर्षों के संघर्ष के बाद...
उनकी जीवन-यात्रा अचानक समाप्त हो गई।
उनकी मृत्यु ऐसी परिस्थितियों में हुई जिनका सच आज भी सामने नहीं आया है। जो दुसरो को हौसला देती थी वह कभी भी यह कृत्य नही कर सकती
आज भी उनके अपने...
सत्य, स्पष्टता और न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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लेकिन...
कोई भी अनुत्तरित प्रश्न...
उनके जीवन को छोटा नहीं कर सकता।
जो हर दर्द के बावजूद कभी फीकी नहीं पड़ी।
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✨ उन्होंने सिखाया—
शिक्षा शक्ति देती है।
मेहनत सम्मान दिलाती है।
दयालुता अमर विरासत बनाती है।
और एक माँ का प्रेम... पीढ़ियाँ बदल सकता है।
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"एक मुस्कान अनगिनत आँसू छिपा सकती है, लेकिन साहस से जिया गया जीवन पीढ़ियों को प्रेरित करता है।"
"महान लोग कभी सचमुच नहीं मरते... वे अपने मूल्यों और प्रेरणा के रूप में हमेशा जीवित रहते हैं।"
!! ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें। प्रभु उनके साथ अन्याय करने वालो को सजा दें !!
वे भले ही हमारे बीच न हों...
लेकिन उनका साहस, उनके संस्कार और उनकी कहानी हमेशा जीवित रहेगी। ❤️
!! हम सबकी प्यारी अमिता !!

Bilaspur Collector Dr. Sanjay Alang arrived at the Central Jail for an inspection, he saw a 6-year-old girl clinging...