सीहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा की श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन उज्जैन शहर में 4 अप्रैल से 10 अप्रैल तक किया जाएगा। रोजाना 5 से 7 लाख भक्तों के कथा में पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। कथा शुरू होने से 2 दिन पहले से देश के अलग - अलग हिस्सों से भक्त उज्जैन पहुंचना शुरू हो गए हैं। आज कथा वाचक पंडित मिश्रा ने उज्जैन पहुंचकर महाकालेश्वर मंदिर में पूजन - अर्चन किया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, मैं कभी राजनीति में नहीं आऊंगा और न ही कभी चुनाव लडूंगा। केवल शिव भक्ति करना चाहता हूं।
कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा मंगलवार से उज्जैन के बड़नगर रोड स्थित मुरलीपूरा में शिवपुराण की शुरुआत करेंगे। कथा के आयोजन के लिए 300 x 800 के तीन विशाल डोम बनाए गए हैं। बीच वाले मुख्य डोम में मुख्य मंच पर महाकाल मंदिर की आकृति की सजावट कर शिवलिंग बनाया गया है। यहीं से पंडित मिश्रा कथा सुनाएंगे। कथा सात दिन तक चलेगी। कथा सुनने आए भक्तों ने कहा, महाराज जी की कथा साल भर सुन सकते हैं। बस हमें पता चलना चाहिए कि कथा कहां हो रही है और हम निकल पड़ते हैं शिव पुराण सुनने के लिए।
राजस्थान, बिहार, यूपी, महाराष्ट्र, गुजरात, उड़ीसा सहित अन्य राज्यों के अलग - अलग शहरों से श्रद्धालु उज्जैन पहुंच रहे हैं। 1200 किमी से अधिक का सफर तय करके ओड़िशा से उज्जैन पहुंची अनिता पात्रा ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले शिव पुराण को टीवी पर देखा, इसके बाद पंडित जी से ऐसी जुड़ी कि अब देश में कहीं भी कथा हो, सुनने के लिए पहुंच जाती हूं। सीहोर में हुई बदइंतजामी को लेकर कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, वे रुद्राक्ष के लिए टूट पड़े, आयोजन समिति की कोई गलती नहीं थी।
कथा के लिए तीन डोम बनाए गए हैं। पंडित मिश्रा की कथा के आयोजन का जिम्मा श्री विट्ठलेश सेवा समिति के प्रमुख व महापौर मुकेश टटवाल ने बताया कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में पहली बार सीहोर वाले कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा आयोजित की जा रही है। इस सात दिवसीय कथा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के उज्जैन आने का अनुमान है। रविवार से ही सैकड़ों श्रद्धालु कथास्थल पर पहुंच गए हैं, जिन्होंने दरी बिछाकर कथा स्थल पर अपनी जगह आरक्षित कर ली है। कथा महाराज खुद करवा रहे हैं। दरअसल, पंडित मिश्रा ने प्रण किया है कि देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में वे अपनी ओर से कथा का आयोजन करेंगे।
कथा का आयोजन मुरलीपूरा में हो रहा है। यहां पर करीब 5 से 7 लाख भक्त रोजाना आने की उम्मीद है। सभी लोग निर्धारित सात पार्किंग पर अपनी गाड़ी रखकर कथा में भाग ले सकेंगे। गर्मी के चलते कई लोगों ने कथास्थल के बाहर प्याऊ लगा दी है, तो 500 नल सभा मंडप में बारीक फव्वारे लगा दिए गए हैं। सामने की ओर 10 हजार वर्ग फीट की विशाल भोजनशाला का निर्माण हुआ है, ताकि बाबा महाकाल की नगरी में शिव महापुराण कथा का आनंद लेने पधारे श्रृद्धालुओं को भोजन शाला में भक्तों को निशुल्क भोजन प्रसादी मिल सकेगी।
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