सोने की कीमतें एक बार फिर से बड़ी छलांग लगा सकती हैं। यदि ऐसा होता है, तो गोल्ड दोबारा 1 लाख के ऐतिहासिक आंकड़े को छू सकता है। फिलहाल यह 98 हजार के पार चल रहा है और एक लाख तक पहुंचने के लिए इसे 2 हजार से भी कम की बढ़त की जरूरत है। बता दें कि गोल्ड प्राइस हाल ही में 1 लाख के पार निकल गए थे, लेकिन एक दिन में आई तीन हजार रुपये की गिरावट से यह फिसलकर नीचे पहुंच गए।
इसलिए उछाल संभव
गोल्ड की कीमतों में बढ़ोतरी अमेरिका-चीन के बीच बढ़े तनाव से हुई थी और दाम में कमी की वजह भी तनाव घटने के संकेत रहे। हालांकि, अब पूरी तस्वीर पलटती नजर आ रही है। चीन की तरफ से कहा गया है कि टैरिफ को लेकर अमेरिका से कोई बातचीत नहीं हो रही है। साथ ही उसने यह भी कहा है कि अमेरिका को एकतरफा टैरिफ हटाने चाहिए। इस बयान से एक बार फिर टैरिफ को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है। इस तरह की अनिश्चितता सोने में निवेश बढ़ाती है और उसकी कीमतों को पंख लगते हैं।
समझौते की संभावना कम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि चीन पर टैरिफ में कमी की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि टैरिफ जीरो नहीं होगा। जबकि चीन के बयान से साफ है कि वह अमेरिका द्वारा लगाए गए एकतरफा टैरिफ का पूरी तरह से खात्मा चाहता है। ऐसे में मामला जल्द सुलझने की संभावनाएं टूटती दिखाई दे रही हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी बाजार पूरी तरह टैरिफ और यूएस-चीन रिश्तों पर केंद्रित है। सोना एक बार फिर सुरक्षित निवेश के रूप में उभर रहा है। अगर आने वाले दिनों में ट्रेड वॉर को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है, तो गोल्ड की डिमांड बढ़ सकती है।
अभी क्या है कीमत?
भारत में गोल्ड प्राइस की बात करें, तो यह 98 हजार के पार है। गुड रिटर्न्स के अनुसार, 24 कैरेट वाला 10 ग्राम सोना इस समय 98,230 रुपये के भाव पर मिल रहा है। पिछले दो सत्रों की गिरावट के बाद यह स्तर पर पहुंचा है। इससे पहले एक ही दिन में 3 हजार से अधिक की छलांग के साथ गोल्ड 1 लाख प्रति 10 ग्राम के आंकड़े को पार कर गया था।
कैसे प्रभावित होते हैं दाम?
देश में सोने की कीमतें केवल मांग और आपूर्ति से ही प्रभावित नहीं होतीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली गतिविधियों का भी इन पर असर पड़ता है। लंदन ओटीसी स्पॉट मार्केट और कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स मार्केट सहित प्रमुख वैश्विक बाजारों में होने वाली व्यापारिक गतिविधियों से भी सोने की कीमतें काफी हद तक प्रभावित होती हैं।
कौन तय करता है कीमत?
दुनियाभर में लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) द्वारा Gold की कीमत तय की जाती है। वो US डॉलर में सोने की कीमत प्रकाशित करता है, जो बैंकरों और बुलियन व्यापारियों के लिए वैश्विक बेंचमार्क के रूप में कार्य करती है। वहीं, अपने देश में, इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आयात शुल्क और अन्य टैक्स को जोड़कर यह निर्धारित करता है कि रिटेल विक्रेताओं को सोना किस दर पर दिया जाएग
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