बिहार. महाराष्ट्र की सियासत में एक साल के भीतर ही दो बड़ी क्षेत्रीय पार्टियों में टूट के बाद अन्य राज्यों से भी इसी तरह के कयास उठने लगे हैं. इसी कड़ी में बिहार से आवाज आई है भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता अरविंद सिंह की. उनका कहना है कि बिहार की सत्ता में काबिज जनता दल यूनाइटेड में भी टूट हो सकती है.
अरविंद सिंह ने बताया कि JDU के कई विधायक भारतीय जनता पार्टी के संपर्क में हैं और बहुत जल्द ही वो JDU का साथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम सकते हैं. बिहार में गठबंधन की सरकार है और राष्ट्रीय जनता दल भी इसमें शामिल है. बीजेपी प्रवक्ता की मानें तो RJD के भी कई विधायक उनके संपर्क में हैं, जो आने वाले दिनों में बीजेपी के साथ जुड़ सकते हैं.
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, “परिवारवाद, पुत्रवाद, कुर्सीवाद के कारण इनके (JDU के) के सभी विधायक और सांसद हताश हो गए हैं. ये (नीतीश कुमार) रोज पलटी मारते हैं. कभी इधर, कभी उधर. इनके सारे प्रमुख विधायक और सांसद दूसरे दलों के संपर्क में हैं और बिहार में जल्द ही कोई बड़ा खेला होने की संभावना है.” JDU के कितने विधायक उनके संपर्क में हैं? इस सवाल को टालते हुए बीजेपी प्रवक्ता संख्या तो नहीं बताते हैं, लेकिन कहते हैं कि जल्द ही JDU इतिहास बनने वाली है.
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान का भी ऐसा ही दावा है. पासवान का कहना है कि JDU और RJD के कई विधायक उनके संपर्क में हैं. उनका कहना है कि JDU के ज्यादातर विधायक नीतीश कुमार से नाराज हैं और अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में RJD और JDU एक दूसरे के खिलाफ लड़े थे. अब दोनों साथ हैं. लिहाजा दोनों दलों के ज्यादातर विधायकों की सीट खतरे में हैं. चिराग का कहना है कि JDU के कई विधायक तो उनसे मुलाकात भी कर चुके हैं.
बिहार में पिछले साल ही JDU ने बीजेपी का साथ छोड़कर RJD के साथ गठबंधन किया था. तभी से बीजेपी की ओर से इस तरह की बयानबाजी को हवा दी जा रही थी कि जल्द ही JDU में भी टूट हो सकती है. पार्टी के कई बड़े नेताओं ने JDU का दामन छोड़ा भी. पूर्व अध्यक्ष आरसीपी सिंह और दिग्गज नेता उपेंद्र कुशवाहा ने JDU से रास्ते अलग कर लिए. आरसीपी बीजेपी में शामिल हो गए, तो कुशवाहा ने अपनी अलग पार्टी बना ली. हालांकि इस टूट का सरकार पर कुछ खास असर नहीं पड़ा.
बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं, जिनमें से 160 महागठबंधन के कब्जे में हैं. महागठबंधन में सबसे बड़ी भागीदारी राष्ट्रीय जनता दल की है. RJD के 79 और JDU के 45 विधायक हैं. वहीं भारतीय जनता पार्टी के बिहार में 78 विधायक हैं. उन्हें जीतन राम मांझी की हिंदुस्तान आवाम मोर्चा का भी समर्थन हासिल है. हाल ही में 4 विधायकों वाली मांझी की पार्टी ने महागठबंधन का साथ छोड़ते हुए बीजेपी को समर्थन दिया था. मांझी ने भी महाराष्ट्र प्रकरण के बाद JDU के टूटने की भविष्यवाणी की है. उनका कहना है कि ये विपक्षी एकता बैठक का रिएक्शन है.
shri sanwariya ramayan mandal paliwal samaj dwara anant chaturdashi udyapan ka aadhyatmik utsaah aur divya anand ne dil jeet liya
Bigg Boss 20 : Santosh Shukla’s Bigg Boss 6 Connection Resurfaces As Aamrapali Dubey Reveals How He Helped Her Career